Wednesday, August 5, 2009

करना है सब ने वही जो रास जिसको आयेगा

सोचते थे ये अकेलापन हमें खा जायेगा
क्या खबर थी ये अकेलापन हमें भा जायेगा
जीने को तो बिन तेरे भी जी ली हमने जिन्दगी
गम ये है कि कद तेरा बौना नजर अब आयेगा
सात जन्मों तक के रिश्ते की है करता बात क्या
इतना सोच इस जन्म तक कैसे ये निभ पायेगा
लादना अब छोड़ दे औरो पे अपनी सीख तूँ
कौन मानेगा तेरी और तुझसा कौन हो जायेगा
मन्जिलें तो मन मे सबके पहले से हैं बनी हुई
फिर तेरी खातिर कौन अपनी राह बदल पायेगा
ना प्यार ना हमदर्दी है, सब कुछ दिखावा है यहाँ
जितना जल्दी समझेगा तू उतना ही सुख पायेगा
अपने अपने तर्क सब ने गढ लिये अपने लिये
करना है सब ने वही जो रास जिसको आयेगा

12 comments:

परमजीत बाली said...

बढिया रचना है बधाई।

Udan Tashtari said...

लादना अब छोड़ दे औरो पे अपनी सीख तूँ
कौन मानेगा तेरी और तुझसा कौन हो जायेगा

-बढिया.

ओम आर्य said...

ना प्यार ना हमदर्दी है केवल दिखावा है यहाँ
जितना जल्दी समझेगा उतना ही सुख पायेगा

yah pankti jiwan ke bahut hi karib hai ........ya yo kahe meri jindagi me aise lo ka sumar raha hai ki har ek pal ise jiya hai.....

AlbelaKhatri.com said...

uttam
ati uttam !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

सुंदर रचना के लिए बधाई!

रक्षाबंधन पर हार्दिक शुभकामनाएँ!
विश्व-भ्रातृत्व विजयी हो!

Krishan lal "krishan" said...

Param jit ji

aap kaa bahut bahut shukriya rachna ko pasand karne ke liye. Kripya aate rahiye.

Krishan lal "krishan" said...

Samir ji

aap ki tippani kaa hamesha intzaar rehtaa hai. Dhanyavaad.

Krishan lal "krishan" said...

Om Ji

Zindgi sachmuch hasin hai aur agar nahi bhi hai to ise banayaa janaa chaahiye. Maine kuchh din pehle likha tha

jo bhi chahe tu manzil chun jo bhi chahe tu sapne bun
Jo theek lage so karta ja na iski sun na uski sun.

Krishan lal "krishan" said...

Albela ji
aapne ek shabad me bahut kuchh kah diya. Dhanyaavaad.

Krishan lal "krishan" said...

Dwivedi ji

Aap mere blog par aaye, rachna ko pasand kiyaa. Aap ka abhari hun. Aap aate rehenge to achhaa lagega. Dhanyavaad.

शारदा अरोरा said...

गम ये है कि कद तेरा बौना नजर अब आयेगा
ये पंक्ति भा गई , वाह

Krishan lal "krishan" said...

शारदा अरोड़ा जी

आप का ब्लाग पर आने का हर्दिक स्वागत एवं बहुत बहुत शुक्रिया
आप ने गजल की जो पक्तियां पसन्द की हैं वो वास्तव मे जीवन के कटु अनुभवों से ली गयी हैं

ब्लाग पर आते रहेंगे तो अच्छा लगेगा धन्यवाद्।